शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ भवरोगहन्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपभव-हर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जन्म-मरण रूपी भवरोग को नष्ट करने वाले वैद्य को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आध्यात्मिक चिकित्सा और आत्म-मुक्ति
विस्तृत लाभ
आध्यात्मिक चिकित्सा और आत्म-मुक्ति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विभीषणप्रतिष्ठात्रे नमः
वशीकृतमहादेवं दृप्तभूपकुलान्तकम्। तेजस्विनं कार्तवीर्यनाशनं भवनाशनम्॥
वेताल शक्ति शर कार्मुक चक्र खट्वाङ्ग मुद्गर गदाम् अङ्कुश नागपाशान् । शूलं च कुन्तं परशुं ध्वजमुद्वहन्तं वीरं गणेशमरुणं सततं स्मरामि ॥
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ करमालाशयानन्दायै नमः
ॐ अष्टसिद्धिप्रदायै देव्यै नमः