शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ ब्रह्मस्थिताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपब्रह्म-ज्ञानी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्वदा ब्रह्म-तत्त्व में स्थित रहने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वेदान्त ज्ञान की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
वेदान्त ज्ञान की प्राप्ति
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ घोररूपाय नमः।
ॐ लम्बोदराय नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8
ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
ॐ जयायै नमः।
ॐ मङ्गलाय-परमाय नमः