शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ दुर्गम्यायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र | जप समय: प्रातः या घोर संकट काल |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सामान्य बुद्धि और तर्कों के लिए पूरी तरह अगम्य हैं।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
श्रीमन् नारायण चरणौ शरणं प्रपद्ये। श्रीमते नारायणाय नमः॥
ॐ वामदेवाय नमः
ॐ ऐं ॐ श्रीं विद्या लक्ष्म्यै नमः।
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः॥
ॐ कामिनीवशकृद्वशिने नमः।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये कालान्तकात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः