शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
उच्छिष्ट गणपति नवार्ण मंत्र
ॐ हस्तिपिशाचिलिखे स्वाहा ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारवाममार्गी तांत्रिक मंत्र
स्वरूपउच्छिष्ट गणपति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे हस्तिपिशाचि (उच्छिष्ट स्वरूप), मेरी आहुति स्वीकार करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तीव्र वाक् सिद्धि, मुकदमे में विजय और त्वरित मनोकामना पूर्ति
विस्तृत लाभ
तीव्र वाक् सिद्धि, मुकदमे में विजय और त्वरित मनोकामना पूर्ति।
जप काल
इसमें बाहरी शुद्धि (स्नान आदि) की बाध्यता नहीं है। केवल गुरु-निर्देशन में 27।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र