शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ पुण्यकृते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपपुण्यकृत
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सत्कर्म करने की प्रेरणा और पुण्य में वृद्धि
विस्तृत लाभ
सत्कर्म करने की प्रेरणा और पुण्य में वृद्धि
जप काल
नाम जप।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्वप्रकाशस्वरूपिण्यै नमः
नमो भगवते फट् भैरवाय... आकर्षय-2 आवेशय-2 मोहय-2 भ्रामय-2... ह्रां ह्रीं त्रिपुरतांडवाय अष्टभैरवाय भाषय-2 स्वाहा।
ॐ विश्वहराय नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ श्रियै नमः
ॐ पुरुषोत्तमाय नमः