शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं वीर लक्ष्म्यै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवीर (धैर्य) लक्ष्मी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
साहस और धैर्य की अधिष्ठात्री वीर-लक्ष्मी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असीम साहस, धैर्य, आंतरिक शक्ति, भयों का नाश
विस्तृत लाभ
असीम साहस, धैर्य, आंतरिक शक्ति, भयों का नाश 35।
जप काल
विपत्ति में लाल चंदन की माला से जप।
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