ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ लक्ष्मी मंत्र

ॐ जगच्चक्राय स्वाहा – शिखायै वषट्

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपशिखा-न्यास / जगच्चक्र
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जगत-चक्र को स्वाहा, वे मेरी शिखा में स्थित हों। (ब्रह्मरंध्र की ऊर्जा का संरक्षण)।

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