शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ जामदग्निजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपजमदग्नि-पुत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो महर्षि जमदग्नि से उत्पन्न हुए हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पितृ कृपा
विस्तृत लाभ
पितृ कृपा
जप काल
तर्पण के समय
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ अनादिब्रह्मचारिणे नमः
ॐ जनार्दनाय नमः
ॐ निर्गुणायै नमः
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्॥
ॐ विश्वमूर्तये नमः