शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ सर्वलोकरिमर्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपलोक-शत्रु नाशक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सम्पूर्ण लोकों को सताने वाले आतातायियों का मर्दन करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विश्व शांति
विस्तृत लाभ
विश्व शांति
जप काल
रक्षा हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
ॐ घोरघोराय नमः।
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद सर्वसौभाग्यं देहि देहि स्वाहा।
यस्य त्वेतानि चत्वारि वानरेन्द्र यथा तव। धृतिर्दृष्टिर्मतिर्दाक्ष्यं स कर्मसु न सीदति॥
वागीशा यस्य वदने लक्ष्मीर्यस्य च वक्षसि। यस्यास्ते हृदये संवित् तं नृसिंहमहं भजे॥