शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ सर्वरूपाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपविश्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
संपूर्ण चराचर जगत् जिनका ही स्वरूप है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समदृष्टि
विस्तृत लाभ
समदृष्टि
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शिवाय नमः
ॐ शृङ्गारिणे नमः
ॐ त्रिमूर्तये नमः
अशेषहावभावधीरहीरहारभूषिते प्रभूतशातकुम्भकुम्भकुम्भकुम्भसुस्तनि। प्रशस्तमन्दहास्यचूर्णपूर्णसौख्यसागरे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं । श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय विराजमूर्तये मेघात्मने श्रीम नरसिंहवपुषे नमः
ॐ अव्ययाय नमः