शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ मङ्गलायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्वत्र मंगल करने वाली देवी को नमन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शतकान्ठमदापहर्त्रे नमः
ॐ नमो नारायणाय
ॐ वासुदेवाय वन्द्याय नमः
ॐ दक्षिणां वृषभानुजा पातु।
ॐ कृतागमाय नमः
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8