शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गृह-शांति एवं कार्यस्थल मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे महालक्ष्मी! मेरे घर में धन पूर्ण करें और मेरी समस्त आर्थिक चिंताओं को दूर करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कार्यस्थल और घर में धन का प्रवाह
विस्तृत लाभ
कार्यस्थल और घर में धन का प्रवाह।
जप काल
प्रतिदिन कार्यस्थल पर जाने से पूर्व जप 25।
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