ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ लक्ष्मी मंत्र

अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम्। श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवीर्जुषताम्॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारराज-ऐश्वर्य मंत्र
स्वरूपगजलक्ष्मी
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जिनके आगे अश्व और मध्य में रथ हैं, जो हाथियों की ध्वनि से प्रबुद्ध होती हैं, उन देवी श्री को मैं बुलाता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

राजसत्ता, नेतृत्व क्षमता

विस्तृत लाभ

राजसत्ता, नेतृत्व क्षमता।

जप काल

राजसी अनुष्ठान/हवन।

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