शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ अनघायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
निष्पाप (अनघा) और पापों को नष्ट करने वाली देवी को नमन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिम मुखे। गरुडाय सकल विष हरणाय स्वाहा॥
ॐ जगद्गुरवे नमः
रक्षत्वसौ माध्वनि यज्ञकल्पः स्वदंष्ट्रयोद्धृतधरो वराहः
वियदीकारसंयुक्तं वीतिहोत्रसमन्वितम्। अर्धेन्दुलसितं देव्या बीजं सर्वार्थसाधकम्॥
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्॥
ह्रीं स्त्रीं हूँ (Hreem Streem Hoom)