शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पद्मनाभ (जिनकी नाभि से कमल निकला है, भगवान विष्णु) की प्रिय को नमन 57।
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ईशान्यां संहार भैरवाय नमः ईशाने मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
महेन्द्रे वै गिरिश्रेष्ठे रामं नित्यम् उपासते। ऋषयो वेदविदुषो गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥
ॐ जगद्गुरवे नमः
ॐ स्वराजे नमः
सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 18