शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम्। अभूतिमसमृद्धिं च सर्वां निर्णुद मे गृहात्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारउच्चाटन मंत्र
स्वरूपश्री (दरिद्रता नाशिनी)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भूख-प्यास रूपी मलिनता वाली अलक्ष्मी का मैं नाश करता हूँ। हे देवी! मेरे घर से असमृद्धि को दूर करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर से कलह और अभाव का निष्कासन
विस्तृत लाभ
घर से कलह और अभाव का निष्कासन।
जप काल
झाड़ू/सफाई के पश्चात जप।
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