शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
लक्ष्मी पूर्ति मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मि मम गृहे धनं पूरय पूरय स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे महालक्ष्मी! मेरे घर में धन परिपूर्ण करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर के भंडार कभी खाली न हों
विस्तृत लाभ
घर के भंडार कभी खाली न हों।
जप काल
अन्न के भंडार में बैठकर जप।
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