शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
सर्वसौभाग्य प्रदाता मंत्र
ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै एह्येहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे महालक्ष्मी! आइये और मुझे समस्त सौभाग्य प्रदान करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विवाह और वैवाहिक जीवन में सुख
विस्तृत लाभ
विवाह और वैवाहिक जीवन में सुख।
जप काल
शुक्रवार को सुहागिनों को दान देकर जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः
ॐ सर्वलोकरिमर्दनाय नमः
ॐ अनन्तशक्तये नमः
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ सर्वसुन्दराय नमः
सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्। सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥