शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
राजाओं के महलों में राज्यलक्ष्मी के रूप में आनंदपूर्वक निवास करने वाली को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐं (Aim)
ॐ पूर्वां दिशं कृष्णरता पातु।
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ॥
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं आपदुद्धारणाय ह्रां ह्रीं ह्रूं अजामिलबद्धाय लोकेश्वराय स्वर्णाकर्षणभैरवाय मम दारिद्र्य विद्वेषणाय महाभैरवाय नमः श्रीं ह्रीं ऐं।
ॐ श्रीवत्सकौस्तुभधराय नमः
ॐ सुब्रह्मण्याय नमः