शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ वाङ्मे मनसि प्रतिष्ठिता मनो मे वाचि प्रतिष्ठितम् आविरावीर्म एधि॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारउपनिषदिक शांति मंत्र
स्वरूपब्रह्म-स्वरूपा लक्ष्मी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मेरी वाणी मन में प्रतिष्ठित हो और मन वाणी में। हे प्रकाशस्वरूप परब्रह्म! मेरे सम्मुख प्रकट हों।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वाक्-सिद्धि, मन और वाणी का संतुलन एवं ब्रह्म-तेज की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
वाक्-सिद्धि, मन और वाणी का संतुलन एवं ब्रह्म-तेज की प्राप्ति।
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