शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं धान्य लक्ष्म्यै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपधान्य लक्ष्मी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अन्न और पोषण प्रदान करने वाली धान्य-लक्ष्मी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कृषि में लाभ, अन्नपूर्णा का वास, उत्तम स्वास्थ्य
विस्तृत लाभ
कृषि में लाभ, अन्नपूर्णा का वास, उत्तम स्वास्थ्य 36।
जप काल
रसोई घर या अन्न भंडारण के स्थान पर जप।
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ॐ कृष्णप्रेमविनोदिन्यै नमः
ॐ सर्वयज्ञाधिपाय नमः
श्रियमाक्रष्टुकामानामिदं कवचमुत्तमम्। स जामदग्न्यकवचं नित्यमावर्तयेन्नरः॥
नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शङ्कराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।
ॐ वाणीश्वर्यै नमः
अहं राष्ट्री सङ्गमनी वसूनां चिकितुषी प्रथमा यज्ञियानाम्। तां मा देवा व्यदधुः पुरुत्रा भूरिस्थात्रां भूर्यावेशयन्तीम्॥