शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ प्रत्यक्षलक्ष्म्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भक्तों के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से प्रकट होती हैं, उन्हें नमन 14।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं जिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहाऽग्निदिशि रक्षतु। (अर्थ: जिह्वाग्र में बसने वाली देवी आग्नेय कोण में रक्षा करें) 8
ॐ हरिद्वर्णाय नमः
ॐ ह्स्फ्रेँ ख्फ्रेँ ह्स्रौँ ह्स्ख्फ्रेँ ह्सौँ हनुमते नमः॥
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं। विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥
ॐ दिव्यसिंहाय नमः
ॐ आत्मवते नमः