शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ नखास्त्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवज्रनख
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके नख ही उनके सबसे बड़े अस्त्र हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बिना किसी बाहरी हथियार के स्वयं का एक प्राकृतिक रक्षा-कवच निर्मित होना
विस्तृत लाभ
बिना किसी बाहरी हथियार के स्वयं का एक प्राकृतिक रक्षा-कवच निर्मित होना।
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ॐ विश्वतोमुखाय नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ स्वयम्भुवे नमः
ॐ मनोन्मन्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सूर्यः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ महाद्युतये नमः