शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
स्वास्थ्य एवं व्याधि निवारण मंत्र (हनुमान चालीसा संपुट)
नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकाररोग-नाशक मंत्र
स्वरूपवीर हनुमान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वीर हनुमान जी का निरंतर नाम जप करने से सभी प्रकार के रोग नष्ट हो जाते हैं और सारी पीड़ाएं हर ली जाती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक रोगों, जीर्ण व्याधियों (Chronic illnesses) और मानसिक वेदना का त्वरित शमन
विस्तृत लाभ
शारीरिक रोगों, जीर्ण व्याधियों (Chronic illnesses) और मानसिक वेदना का त्वरित शमन 39।
जप काल
अस्वस्थता की स्थिति में जल के पात्र को सामने रखकर 108 बार अभिमंत्रित कर वह जल रोगी को पिलाना।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र