शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ नित्यायुक्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो नित्य योग, समाधि और राम-नाम में युक्त रहते हैं।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
त्वं गुणत्रयातीतः ॥ त्वं देहत्रयातीतः ॥ त्वं कालत्रयातीतः ॥ त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यम् ॥ त्वं शक्तित्रयात्मकः ॥ त्वां योगिनो ध्यायन्ति नित्यम् ॥
ॐ वर्णिनें नमः
ॐ उपेन्द्राय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं वैभवलक्ष्म्यै नमः।