शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ परशौर्यविनाशनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशत्रु-दमनकर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शत्रुओं के शौर्य, बल और अभिमान को नष्ट करने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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ह्रीं स्त्रीं हूँ (Hreem Streem Hoom)
ॐ सर्वदेवेषाय नमः।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमानन्दाद्वैतात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ अग्निजन्मने नमः
ॐ वक्त्रं पात्विन्दुवदनं सदा प्रह्लादवन्दितः
अहमेव स्वयमिदं वदामि जुष्टं देवेभिरुत मानुषेभिः। यं कामये तं तमुग्रं कृणोमि तं ब्रह्माणं तमृषिं तं सुमेधाम्॥