शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ पिङ्गलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपिंगल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्वर्ण के समान कांति वाले भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक तेज और आकर्षण में वृद्धि
विस्तृत लाभ
शारीरिक तेज और आकर्षण में वृद्धि।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
स्थलेषु मायावटुवामनोऽव्यात् त्रिविक्रमः खेऽवतु विश्वरूपः
ॐ नन्दिने नमः
ॐ गिरिशाय नमः
परशुं दक्षिणे हस्ते वामे च दधतं धनुः। रम्यं भृगुकुलोत्तंसं घनश्यामं मनोहरम्॥
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि। तन्नो राधा प्रचोदयात्॥