शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ पिङ्गलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपिंगल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्वर्ण के समान कांति वाले भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक तेज और आकर्षण में वृद्धि
विस्तृत लाभ
शारीरिक तेज और आकर्षण में वृद्धि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ परंज्योतिषे नमः
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ गोवर्धनवरप्रदाय नमः
बालग्रहाभिभूतानां बालानां शान्तिकारकम्। सङ्घातभेदे च नृणां मैत्रीकरणमुत्तमम्॥ 17
ॐ सत्याय नमः
ॐ विश्वामित्रप्रियाय नमः