ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ लक्ष्मी मंत्र

ॐ प्राणाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपप्राण स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

सभी प्राणियों के प्राणस्वरूप को नमस्कार।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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प्राण-शक्ति (Vitality) में अपार वृद्धि

विस्तृत लाभ

प्राण-शक्ति (Vitality) में अपार वृद्धि।

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

नमो भगवते फट् भैरवाय... आकर्षय-2 आवेशय-2 मोहय-2 भ्रामय-2... ह्रां ह्रीं त्रिपुरतांडवाय अष्टभैरवाय भाषय-2 स्वाहा।

वेताल शक्ति शर कार्मुक चक्र खट्वाङ्ग मुद्गर गदाम् अङ्कुश नागपाशान् । शूलं च कुन्तं परशुं ध्वजमुद्वहन्तं वीरं गणेशमरुणं सततं स्मरामि ॥

आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिङ्गलां पद्ममालिनीम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥

जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।

दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥

ॐ प्रभवे नमः

मंत्र | Pauranik