ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

प्रत्यंगिरा सिद्ध-लक्ष्मी श्लोक

राजमातां राजलक्ष्मीं राजेष्टफलदायिनीम्। प्रत्यङ्गिरां नमस्यामि सिद्धिलक्ष्मीजयप्रदां॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

राजमाता, राजलक्ष्मी और विजय प्रदात्री प्रत्यंगिरा सिद्ध-लक्ष्मी को मैं नमन करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

उच्चाधिकारियों/नेताओं के लिए सत्ता-संरक्षण

विस्तृत लाभ

उच्चाधिकारियों/नेताओं के लिए सत्ता-संरक्षण।

जप काल

शत्रुओं के दमन हेतु 33।

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