शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ स्तम्भजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपस्तम्भ-नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो जड़ खंभे को चीरकर प्रकट हुए, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों का सिद्ध होना
02
भौतिक नियमों से परे ईश्वरीय सहायता
विस्तृत लाभ
असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों का सिद्ध होना; भौतिक नियमों से परे ईश्वरीय सहायता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
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ॐ इष्टभक्तिप्रदायिन्यै नमः
असौ योऽवसर्पति नीलग्रीवो विलोहितः। उतैनं गोपा अदृशन्नदृशन्नुदहार्यः। उतैनं विश्वा भूतानि स दृष्टो मृडयाति नः॥
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम तंत्र बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।