माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ सुरेश्वराय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो ब्रह्मा-इंद्रादि समस्त देवताओं के स्वामी हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
सभी देव-शक्तियों की अनुकूलता और कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सभी देव-शक्तियों की अनुकूलता और कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महावीराय नमः
ॐ प्रसन्नपद्मवदनायै नमः
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
अनेकमन्त्रनादमञ्जुनूपुरारवस्खलत्समाजराजहंसवंशणिक्वाणातिगौरवे। विलोलहेमवल्लरीविडम्बिवारुचङ्क्रमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
योगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनन्दनः । स्कन्दः कुमारः सेनानीः स्वामी शङ्करसम्भवः ॥
पाशाङ्कुशौ दन्त जम्बू दधानः स्फटिकप्रभः । रक्तांशुकः गणपतिः मुदे स्याद् ऋणमोचकः ॥