शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
प्रज्ञा विवर्धन स्तोत्र
योगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनन्दनः । स्कन्दः कुमारः सेनानीः स्वामी शङ्करसम्भवः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारश्लोक 1
स्वरूपस्कंद / महासेन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
योगीश्वर, महासेन, कार्तिकेय, अग्निनंदन, स्कंद, कुमार, सेनानी, स्वामी और शंकरसंभव (यह 9 नाम हैं)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बुद्धि विकास, स्मरण शक्ति में वृद्धि
विस्तृत लाभ
बुद्धि विकास, स्मरण शक्ति में वृद्धि।
जप काल
छात्रों द्वारा नित्य प्रातः पाठ।
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