शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ उज्जृम्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपऊर्ध्व स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ऊर्ध्वमुख विस्तार (उत्थान) वाले देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आध्यात्मिक और भौतिक उत्थान
विस्तृत लाभ
आध्यात्मिक और भौतिक उत्थान।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अहमेव स्वयमिदं वदामि जुष्टं देवेभिरुत मानुषेभिः। यं कामये तं तमुग्रं कृणोमि तं ब्रह्माणं तमृषिं तं सुमेधाम्॥
अहं निर्विकल्पो निराकाररूपो... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
स्थलेषु मायावटुवामनोऽव्यात् त्रिविक्रमः खेऽवतु विश्वरूपः
नित्यलीलाप्रवेशं च ददाति श्रीव्रजाधिपः। अतः परतरं प्रार्थ्यं वैष्णवानां न विद्यते॥
ॐ ऐं ॐ श्रीं विद्या लक्ष्म्यै नमः।