शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ वज्रहस्तसुतावल्लीवामदक्षिणसेविताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपूर्ण-परिवार
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके वाम-दक्षिण भाग में देवसेना और वल्ली विराजमान हैं, उन्हें नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पारिवारिक अखंडता और संबंधों में प्रगाढ़ता
विस्तृत लाभ
पारिवारिक अखंडता और संबंधों में प्रगाढ़ता।
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ॐ निसर्गसमयाय नमः।
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ॐ करप्रियायै नमः
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि। तन्नो राधा प्रचोदयात्॥