शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ वरारोहायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकनकधारा स्तोत्र (श्लोक 1) *
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्रेष्ठ और सुंदर स्वरूप वाली देवी को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15
02
* विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44
03
*
विस्तृत लाभ
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15। * विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44। *
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
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ॐ वृषभारूढाय नमः
ॐ शौरये नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ सत्यसन्धाय नमः