शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
द्वादशाक्षर महाविद्या कमला
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सौ: जगत्प्रसूत्यै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ऐं, ह्रीं, श्रीं, क्लीं, सौ: बीज-स्वरूपा सम्पूर्ण ब्रह्मांड को उत्पन्न करने वाली माता को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक बंधनों से मोक्ष तथा भौतिक सुख
विस्तृत लाभ
सांसारिक बंधनों से मोक्ष तथा भौतिक सुख।
जप काल
बुधवार को उत्तर की ओर मुख करके श्री यंत्र सम्मुख 6।
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ॐ सिंहिकाप्राणभञ्जनाय नमः
अस्य घा वीर ईवतोऽग्नेरीशीत मर्त्यः । तिग्मजम्भस्य मीळ्हुषः ॥
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥ 16
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ गोप्त्रे नमः