शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिङ्गलां पद्ममालिनीम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारपुष्टिदात्री मंत्र
स्वरूपपुष्करिणी/पिंगला
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे अग्नि! कमलों से युक्त, पुष्टि स्वरूपा, चंद्रमुखी स्वर्णमयी लक्ष्मी का मेरे लिए आवाहन करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक पुष्टि, सुवर्ण प्राप्ति
विस्तृत लाभ
शारीरिक पुष्टि, सुवर्ण प्राप्ति।
जप काल
सूर्योदय के समय जप।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र