ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

चतुरक्षर वाग्भव कमला

ॐ ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं नमः।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

'ऐं' (सरस्वती), 'श्रीं' (लक्ष्मी), 'ह्रीं' (माया), 'क्लीं' (काम) शक्तियों को नमन।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

वाक्-सिद्धि, ज्ञान के साथ अपार ऐश्वर्य

विस्तृत लाभ

वाक्-सिद्धि, ज्ञान के साथ अपार ऐश्वर्य।

जप काल

वसंत पंचमी पर सरस्वती-लक्ष्मी संयुक्त कृपा हेतु।

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