शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ वृषाकपये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपधर्म-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
धर्म (वृष) की रक्षा करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति
विस्तृत लाभ
धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ध्यायेच्च तामस क्षत्र रुधिर रक्त परश्वधम्। रक्त नेत्रं करस्थं ब्रह्म सूत्रं यम प्रभम्॥
ॐ गौतम बुद्धाय नमः
ॐ त्रिगुणात्मकाय नमः
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम नज़र दोष निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ कृष्णप्रेमतरङ्गिण्यै नमः