शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
आर्द्रां यः करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीम्। सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसूर्यवर्णा मंत्र
स्वरूपसूर्या/सुवर्णा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे अग्नि! करिणी (गज को धारण करने वाली), स्वर्णमयी और सूर्य के समान तेजोमयी लक्ष्मी का आवाहन करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
राजकीय सम्मान, सत्ता
विस्तृत लाभ
राजकीय सम्मान, सत्ता।
जप काल
सूर्य को अर्घ्य देते हुए।
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