शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ अमेयात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअपरिमेय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनकी आत्मा अपरिमेय (अनंत) है, उन्हें नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संकीर्ण सीमाओं का टूटना
विस्तृत लाभ
संकीर्ण सीमाओं का टूटना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्ववासाय नमः
ॐ दामोदराय विद्महे रुक्मिणीवल्लभाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्।
ॐ वेदवेदान्तयज्ञेशं ब्रह्मरुद्रादिवन्दितम्। श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये॥
ॐ गजाननाय हुं
अहमेव स्वयमिदं वदामि जुष्टं देवेभिरुत मानुषेभिः। यं कामये तं तमुग्रं कृणोमि तं ब्रह्माणं तमृषिं तं सुमेधाम्॥
ॐ अशेषगुणसम्पन्नायै नमः