शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ बलसिद्धिकराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपबल-प्रदाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शारीरिक बल, कुश्ती और सिद्धियां प्रदान करने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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ॐ जनार्दनाय नमः
ॐ प्रमत्ताय नमः
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विद्या तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ मैत्र्यै नमः