शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ बाणासुरकरान्तकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपबाणासुर-मान-मर्दी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बाणासुर की सहस्र भुजाओं को काटने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अहंकार के शमन हेतु
विस्तृत लाभ
अहंकार के शमन हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सनातनाय नमः
ॐ कस्तूरीपूजकप्रियायै नमः
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मि मम गृहे धनं पूरय पूरय स्वाहा।
ॐ दिव्यतेजसे नमः।
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ गिरिशाय नमः