शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ कुब्जाकृष्णाम्बरधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपकुब्जा-उद्धारक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कुब्जा द्वारा दिए गए चन्दन और वस्त्र धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक दोष शान्ति
विस्तृत लाभ
शारीरिक दोष शान्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
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ॐ त्रिवर्गस्वर्गसाधनाय नमः
ॐ निधिरव्ययाय नमः
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
य इदं कवचं श्रीदं पठेद्विष्णुप्रियात्मकम्। त्रैलोक्यं विजितं तेन येन वा धारितं भवेत्॥
ॐ आदिपुरुषाय नमः