शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ भर्गाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पापों को भून डालने वाले तेज़ (प्रकाश) स्वरूप।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
ॐ वरदाय नमः।
ॐ आदिपुरुषाय नमः
न मृत्युर्न शंका न मे जातिभेदः... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
ॐ दामोदराय विद्महे रुक्मिणीवल्लभाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात् ॥
ॐ नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम्