शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ भवरोगहन्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभव-हर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जन्म-मरण रूपी भवरोग को नष्ट करने वाले वैद्य को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आध्यात्मिक चिकित्सा और आत्म-मुक्ति
विस्तृत लाभ
आध्यात्मिक चिकित्सा और आत्म-मुक्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये जनकनन्दिनी तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ श्री हनुमते नमः॥
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।
ॐ महोत्साहायै नमः
ॐ कृष्णमन्त्राधिदेवतायै नमः
एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम् । लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम् ॥