शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ चतुर्व्यूहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चार अभिव्यक्तियों (वासुदेव आदि) के स्वामी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम्॥
ॐ अनामयाय नमः
ॐ रेणुकातनयाय नमः
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
ॐ ह्रीं ह्रीं साफल्यायै सिद्धये ॐ नमः