नृसिंह मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं वैभवलक्ष्म्यै नमः।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिस प्रकार भ्रमरी तमाल वृक्ष का आश्रय लेती है, उसी प्रकार श्री हरि के शरीर का आश्रय लेने वाली मंगल-देवता लक्ष्मी की कृपा-दृष्टि मेरे लिए मंगलदायिनी हो। *
इस मंत्र से क्या होगा?
परिवार में सुख-शांति, दरिद्रता का नाश और मनोकामना पूर्ति
विस्तृत लाभ
परिवार में सुख-शांति, दरिद्रता का नाश और मनोकामना पूर्ति 51।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वदेवेषाय नमः।
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
कल्हार शालि कमलेक्षुक चाप बाण दन्तप्ररोहक गदी कनकोज्ज्वलाङ्गः । आलिङ्गनोद्यतकरो हरिताङ्गयष्ट्या देव्या दिशत्वभयम् ऊर्ध्वगणाधिपो मे ॥
ॐ ब्रह्मणे नमः
ॐ अखिलेश्वर्यै नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महामीनाय धीमहि तन्नो मत्स्यः प्रचोदयात्।