शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ इन्दिरायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो साक्षात लक्ष्मी (इन्दिरा) स्वरूपा हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
व्यापार और धन में वृद्धि
विस्तृत लाभ
व्यापार और धन में वृद्धि।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं ह्रुं ह्रीं स्वाहा॥
यामिषुं गिरिशन्त हस्ते बिभर्ष्यस्तवे। शिवां गिरित्र तां कुरु मा हिंसीः पुरुषं जगत्॥
ॐ माधवाय नमः
ॐ वसुधारिण्यै नमः
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ कालीयफणिमाणिक्यरञ्जितश्रीपदाम्बुजाय नमः