शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ करौ मे देववरदो नृसिंहः पातु सर्वतः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदोनों हाथ / देव-वरद
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवताओं को वर देने वाले नरसिंह मेरे दोनों हाथों की सब ओर से रक्षा करें। (कर्म-कौशल में वृद्धि)।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वग्रहरूपिणे नमः
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर
नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शङ्कराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।
ॐ करमालासिद्धिदात्र्यै नमः
अशेषहावभावधीरहीरहारभूषिते प्रभूतशातकुम्भकुम्भकुम्भकुम्भसुस्तनि। प्रशस्तमन्दहास्यचूर्णपूर्णसौख्यसागरे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ वाग्मिने नमः